HindiLawNotes.com

किसी के नाम से कुछ ऐसा पब्लिश करवा देना जिससे उसकी मान सम्मान प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचे तो वह दंडनीय अपराध माना जाता है।

HindiLawNotes.com

अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर कोई ऐसी बात प्रकाशित करवाता है जिससे किसी की मान सम्मान य प्रतिष्ठा को छति होती है । जबकि वह यह जानता है कि उसका यह काम दूसरे को बदनाम करेगी।  तो वह धारा 501 का अपराध करता है । उसे इस सेक्शन के तहत 2 साल की सजा व आर्थिक दंड दिया जा सकता है । यह एक जमानती अपराध होता है और असंज्ञेय अपराध है। इसकी सुनवाई का अधिकार सत्र न्यायालय के पास होता है ।

भारतीय दंड संहिता 1860  (धारा  501)

HindiLawNotes.com

किसी की मानहानि करने वाली बातों को पब्लिश करना ,इस तरह की मानहानि या अपमान करने वाले प्रचार को अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर बेचता है, तो सामने वाले व्यक्ति की मानहानि और मान प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचेगी । तब भी वह ऐसा कार्य करता है तो उस व्यक्ति को इस धारा 502 के अंतर्गत 2 साल की सजा और आर्थिक जुर्माना से दंडित किया जाएगा ।

भारतीय दंड संहिता 1860( धारा   502)

HindiLawNotes.com

यह एक जमानती अपराध है।  यह  असंज्ञेय अपराध है । इसकी सुनवाई का अधिकार फर्स्ट ग्रेड मजिस्ट्रेट को होता है और इसमें समझौता भी किया जा सकता है