REGISTRATION ACT 1908 रजिस्ट्रेशन क्या होता है? यह क्यों जरूरी है?

What is Registration Intro and its importation- Hindi Law Notes

जैसा की आप सभी लोग जानते है रजिस्ट्रेशन   एक्ट 1908 बहुत ही महत्वपूर्ण एक्ट है इसमे 2001 मे अमेंडमेंट हुआ परंतु यह उतना खाश नही था। इसलिए यही महत्वपूर्ण एक्था । यह प्रोपेर्टी का रजिस्ट्रेशन होता है । और यह प्रोपेर्टी कई प्रकार की होती है। यह आम व्यक्ति के लिए रजिस्ट्रार् द्वारा खुला रहता है। रजिस्टर डॉक्यूमेंट पब्लिक डॉक्यूमेंट होता है। इस डॉक्यूमेंट को किसी भी व्यक्ति द्वारा कभी भी फीस दे कर देखा जा सकता है। 

परिचय –

रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 1 जनवरी 1909 से लागू हुआ था। यहा पर रजिस्ट्रेशन का मतलब रजिस्ट्रार के पास आरिजिनल डॉकयुमेंट की कॉपी को सुरक्षित रखना होता है। रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 डॉकयुमेंट को रजिस्टर करने का लॉं है। रजिस्ट्रेशन एक ऐसा प्रोसैस है जिसमे डॉकयुमेंट को सुरक्षित रखा जा सकता है।

जब सरकार टैक्स लेती है तो movable और immovable  प्रॉपर्टि दोनों मे टैक्स लेती है। और इसके लिए रजिस्ट्रेशन आवश्यक है। immovable  प्रॉपर्टि की आयु लंबी होती है और वह सालो साल टिकी रहती है। या जमीन होती है वह लंबे समय तक रहती है और इसके लिए ownership का केस बहुत आता है इसलिए यहा रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता होती है।

Movable प्रॉपर्टि की वैल्यू जायदातर घट जाती है परंतु immovable  प्रोपेर्टी की वैल्यू बढ़ती जाती है । और इसमे ट्रान्सफर का इशू बना रहता है इसलिए इसका लीगल प्रूफ होना जरूरी है। इसका पूरा इतिहास जानने के लिए और रिकॉर्ड बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन आवश्यक है।

आने वाले समय मे किसकी कितनी वैल्यू है यह जानने के लिए रजिस्ट्रेशन आवश्यक है । इसका उद्देश्य रजिस्ट्रेशन के सभी नियम को मिला कर एक एक्ट बनाया जाये इसलिए यह एक्ट बनाया गया।

रजिस्ट्रेशन एक्ट का कारण-

यह पब्लिक को इंफोर्मेशन प्रदान करने के लिए बनाया गया एक्ट है जिसके द्वारा पब्लिक को यह दायित्व और अधिकार प्रदान कर सकता है कि वह रजिस्ट्रेशन से संबंधित कानूनी जानकारी ले सकता है। यह लीगल डॉक्यूमेंट होता है और यह फ्राड से बचाता है। 

रजिस्ट्रेशन एक्ट मे उन सबको रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक है जिसको रखना जरूरी है। यह गवर्नमेंट ऑफिस मे सुरक्षित रखी जाती है।

इसको सुरक्षित रखने से ownership का इशू खत्म हो गया । यदि प्रोपेर्टी के राइट मे यदि कोई चेंजमेंट आता है तो इसका रजिस्ट्रेशन आवश्यक है।

 ऐसा कुछ जो कुछ समय तक ही चलने वाला है उसका रजिस्ट्रेशन आवश्यक नही है।

उदाहरण – मिस्टर व ने ज को गिफ्ट देना चाहता था परंतु ज यदि गिफ्ट को ले लिया तब यह उनके मालिक हो गए परंतु इसका रजिस्ट्रेशन आवश्यक है। इसका रजिस्ट्रेशन गिफ्ट देने के 4 महीने के अंदर हो जाना चाहिए । और इसका रजिस्ट्रेशन फीस देना आवश्यक है।

डॉक्यूमेंट-

सेक्शन 3 (18) जनरल क्लॉज़ एक्ट 1987 के अनुसार-

डिक्युमेंट का मतलब कोई भी मामला जो लिखित हो या एक्सप्रेसेड हो, कोई भी लेटर , या फिगर जो किसी भी मैटर को रिकॉर्ड करने के लिए आवश्यक हो। कुछ ऐसे डॉकयुमेंट भी होते है जिसका रजिस्ट्रेशन आवश्यक नही है जैसे बिल और इन्वाइस

सेक्शन 17 और सेक्शन 18 इसके रजिस्ट्रेशन को बताता है। यह डिस्ट्रिक्ट के अनुसार सभी रिकॉर्ड को रखते है। डिस्ट्रिक्ट के अनुसार सब रजिस्ट्रार इसका रिकॉर्ड रखता है। स्टेट गवर्नमेंट इनको पावर प्रदान करती है । और इनकी नियुक्ति के बारे मे भी बताते है जो कि सेक्शन 3 से सेक्शन 16 मे बताया गया है।

उदाहरण-

मीटिंग के मिनट

मैप भी एक प्रकार का डॉक्यूमेंट है। 

डॉक्यूमेंट को 2 भागो मे विभाजित किया गया है। 

एक वह जिसका रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है। 

एक वह जिसका रजिस्ट्रेशन जरूरी नही होता है।  

इंस्ट्रूमेंट-

इंडियन स्टंप एक्ट 1899 के अनुसार इंस्ट्रूमेंट जिसमे ऐसा डॉक्यूमेंट सम्मलित होता है जिसमे कि कोई दायित्व , जिम्मेदारी, खरीदी जाती है या फिर ट्रांसफ़र की जाती है या जिसमे लाईबिलिटी को रिकॉर्ड की जाती है। 

सभी इंस्ट्रूमेंट डॉक्यूमेंट होते है पर सभी डॉक्यूमेंट इंस्ट्रूमेंट नही होते। 

इंस्ट्रूमेंट के प्रकार

टेस्टमेंटरी-

ऐसा इंस्ट्रूमेंट जो एक्जीक्यूशन के तुरंत बाद प्रभाव मे नही आता है। 

जैसे की विल 

नॉन टेस्टमेंटरी-

ऐसा इंस्ट्रूमेंट जो की एक्जीक्यूशन के तुरंत बाद प्रभाव मे आ जाता है। जैसे कि सेल डीड 

ऐसा डॉक्यूमेंट जिसका रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। 

सेक्शन 17 के अनुसार कुछ डॉक्यूमेंट ऐसे होते है जिसका रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होता है। 

गिफ्ट-

स्थाई प्रापर्टी मे से दिया गया कोई दान का रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है। 

नॉन टेस्टामेंटरी इंस्ट्रूमेंट-

ऐसे कोई भी स्थाई संपति जिसको खरीदा या बेचा जा सके या फिर उसके अधिकार को किसी को दिया जा सके या खत्म किया जा सके इसका रजिस्ट्रेशन आवश्यक है।

Acknowledgement रिसीप्ट अथवा पेमेंट –

किसी भी स्थायी संपत्ति से संबन्धित लेन देन का विवरण की रशीद का रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है। यदि उसका मूल्य 100 से जादा है।

गोद –

यदि आपने किसी को गोद लिया है तो उसका रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है ।

रेंट एग्रीमंट –

यदि कोई मकान रेंट पर दिया है जो एक साल से जादा है तो उसका रजिस्टरेशन करना  आवश्यक है।

Decree or order –

कोई भी कोर्ट के द्वारा दी गयी decree और ऑर्डर है जो की नॉन इन्स्ट्रुमेंट से संबन्धित है या अष्ठाइ प्रॉपर्टि का ट्रान्सफर करना भी compulsory है।

सेक्शन 17 (2)के अनुसार सेक्शन 17 (1) इस पर लागू नही होगा।

जाइंट स्टॉक के शेयर से संबन्धित इन्स्ट्रुमेंट

किसी भी कंपनी के डिबैंचर

गवर्नमेंट के द्वारा प्रदान की गयी स्थायी संपत्ति

Composition डीड

किसी भी डॉकयुमेंट को ट्रान्सफर करना

कोई भी एग्रिकल्चर लोन

Mortgage डीड या फिर कोई भी रशीद जो 100 रु से कम की हो।

सेक्शन 18 के अनुसार किसका रजिस्ट्रेशन आवश्यक नही है।

जब भी आप कोई संपत्ति खरीदते है तो उनका रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है परन्तु कुछ डॉकयुमेंट ऐसे होते है जिसका रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक नही होता है ।ऐसे संपत्ति जैस्पर किसी का राइट या obligation होता है और उसका मूल्य 100 रुपये से कम का है तो उसका रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक नही होता है।

कोर्ट का ऑर्डर जिससे राइट बन्नता है या अवार्ड आता है या कुछ अनय  जिसकी मूल्य 100 से कम है ।

कोई भी लीज जो एक साल से कम है उसका रजिस्ट्रेशन करना  आवश्यक नही है।

विल का रजिस्ट्रेशन अवशयक नही होता है ।

कोई भी अन्य संपत्ति जिसको सेक्शन 17 मे नही लिखा गया है। उसका रजिस्ट्रेशन करना आवश्यक नही है।  

See Also  आयकर की धारा 194 Q (माल की खरीद पर आयकर टीडीएस का नया प्रावधान )

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