प्रतिदेय डिबेंचर क्या हैं? इनके लाभ हानि क्या है। प्रतिदेय डिबेंचर और गैर-प्रतिदेय डिबेंचर के बीच प्रमुख अंतर क्या है।

प्रतिदेय डिबेंचर क्या हैं? इनके लाभ हानि क्या है। प्रतिदेय डिबेंचर और गैर-प्रतिदेय डिबेंचर के बीच प्रमुख अंतर क्या है।

प्रतिदेय डिबेंचर के अर्थ को समझने के लिए, ऋणमुक्ति (रिडेंप्शन) को समझना होगा।  आइए समझते हैं कि ऋणमुक्ति क्या है। इसका  अर्थ है कि उधार ली गई राशि की उस…

डिबेंचर क्या होते है। डिबेंचर के प्रकार कौन कौन से है।

डिबेंचर क्या होते है। डिबेंचर के प्रकार कौन कौन से है।

कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 2(30) मे  ‘डिबेंचर’ को परिभाषित किया गया है। इसमें यह बताया गया है कि  डिबेंचर में डिबेंचर स्टॉक, बॉन्ड या कंपनी द्वारा ली गई राशि…

वाणिज्य के विकास के चरणों की व्याख्या

वाणिज्य के विकास के चरणों की व्याख्या

वाणिज्य के विकास के पांच चरणों पर प्रकाश डालता है।  1. आदिम अवस्था2. वस्तु विनिमय 3. व्यापार की शुरुआत4. नगर अर्थव्यवस्था चरण 5. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार 1. आदिम अवस्था: पुराने दिनों में जब…

एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) क्या होता है?

एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) क्या होता है?

इसे आम भाषा मे एजीएम  कहते है इसका  फुल फॉर्म “Annual General Meeting” होता है | वहीं इसक हिंदी में उच्चारण “एनुअल  जनरल मीटिंग” होता है और इसका हिंदी में…

फाइनेंशियल स्टेटमेंट क्या है? इसके उद्देश्य और प्रकार क्या है।

फाइनेंशियल स्टेटमेंट क्या है? इसके उद्देश्य और प्रकार क्या है।

फाइनेंशियल स्टेटमेंट  जिसको की हिन्दी मे हम वित्तीय विवरण भी कहते है। और आमतौर पर यह  वर्ष के अंत में तैयार किए जाते हैं। इनमें मुख्य रूप से व्यवसाय के…

वर्किंग कैपिटल यानी की कार्यशील पूंजी  क्या होता है? वर्किंग कैपिटल साइकल क्या होता है?

वर्किंग कैपिटल यानी की कार्यशील पूंजी क्या होता है? वर्किंग कैपिटल साइकल क्या होता है?

किसी भी बिज़नस को चलाने के लिए हमे पूंजी की आवश्यकता होती है। और उनही Daily business operations के लिए जैसे कच्चे माल की खरीद से लेकर उसकी बिक्री तक…

बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 क्या है? What is Banking Regulation Act 1949 बैंकिंग विनियमन विधेयक (संशोधन) 2020

बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 क्या है? What is Banking Regulation Act 1949 बैंकिंग विनियमन विधेयक (संशोधन) 2020

बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 भारत में एक ऐसा कानून है जो भारत में सभी बैंकिंग फर्मों और कंपनी को नियंत्रित करता है।  इसे बैंकिंग कंपनी अधिनियम 1949 के रूप में…

सार्वजनिक कंपनी क्या होती है? इसके लाभ और नुकसान क्या क्या है।

सार्वजनिक कंपनी क्या होती है? इसके लाभ और नुकसान क्या क्या है।

सार्वजनिक कंपनी एक प्रकार का  संगठन है । जो कि शुरू में सार्वजनिक बाजार में स्टॉक प्रदान करता है।  और यह  खुले बाजार में व्यापार करता है। ये कंपनियां शेयरधारकों…

निजी ( प्राइवेट) कंपनी/ (Private Company )क्या होता है। इसके क्या विशेषता है।

निजी ( प्राइवेट) कंपनी/ (Private Company )क्या होता है। इसके क्या विशेषता है।

निजी (प्राइवेट) कंपनी/ (Private Company)- एक निजी (प्राइवेट) कंपनी/ (Private Company) गैर-सरकारी संगठनों के स्वामित्व वाली एक वाणिज्यिक कंपनी होती है  या यह कंपनी के शेयरधारकों या सदस्यों की अपेक्षाकृत…

एक कंपनी का प्रवर्तक यानि की प्रमोटर क्या होता है। उसके  कार्य, कर्तव्य और दायित्व

एक कंपनी का प्रवर्तक यानि की प्रमोटर क्या होता है। उसके कार्य, कर्तव्य और दायित्व

प्रमोटर का अर्थ – प्रमोटर ’शब्द व्यापार का शब्द है। यह शब्द  कानून का नहीं है और न ही  यह अधिनियम में कहीं भी परिभाषित किया गया है।  लेकिन कई…