अपकृत्य विधि के अंतर्गत लापरवाही Negligence under tort

लापरवाही एक नागरिक और प्रत्यय है जिसको भी हम सिविल रॉन्ग भी कह सकते हैं। जब कोई व्यक्ति किसी भी व्यक्ति के देखभाल के अपने कर्तव्य का उल्लंघन करता है या फिर जो कि दूसरों के लिए बकाए किसी भी कर्तव्य का उल्लंघन करता है जिसके कारण उस दूसरे व्यक्ति को कानूनी मुश्किलें होती हैं या फिर उसे कुछ ऐसी मुश्किलें होती है जिससे कि कानूनी चोट लगती है तो उसको लापरवाही का दर्जा दिया जा सकता है।

 अगर हम सामान्य भाषा में बात करें तो लापरवाही को निर्वहन करने की विफलता या फिर कुछ ऐसा व्यवहार जो की लापरवाही के कारण हुआ हो और जिसको करने से किसी को नुकसान हो वह आकृति विधि के अनुसार लापरवाही कहा जा सकता है।

  विधि में लापरवाही हो सकती है जिसके निम्न कारण हो सकते हैं।

देखभाल का कर्तव्य

वादी को यह साबित करने की आवश्यकता है कि प्रतिवादी ने उसे देखभाल का कर्तव्य दिया था जिसको की उल्लंघन कर दिया गया है लापरवाही के लिए कर्तव्य की प्रकृति को जाना अति आवश्यक होता है ।जैसे कि जो लापरवाही की गई है जिस कर्तव्य के द्वारा की गई है वह कानूनी रूप से नैतिक कर्तव्य था या फिर धार्मिक कर्तव्य था या फिर वह कानूनी कर्तव्य था।

कर्तव्य को दूसरों के प्रति सावधान रहने का दायित्व के रूप में भी देखा जा सकता है यह हम कह सकते हैं कि कर्तव्य करते समय हमें सावधान रहने की भी आवश्यकता है कि कहीं हमारे कर्तव्य से किसी को नुकसान नहीं पहुंचे।

कर्तव्य का उल्लंघन

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 जहां पर कर्तव्य का उल्लंघन हुआ है वहां पर यह सिद्ध करने की जरूरत होती है कि कर्तव्य का उल्लंघन हुआ था जिसमें प्रतिवादी को एक उचित व्यक्ति के तरह अपना कर्तव्य निभाना चाहिए जो कि प्रतिवादी ने नहीं निभाया है। उचित परीक्षण होना आवश्यक होता है यह वादी के द्वारा किया जा सकता है या फिर निर्णायक व्यक्ति के द्वारा भी किया जा सकता है।

नुकसान

प्रतिवादी के द्वारा कर्तव्य के उल्लंघन के बाद में वादी को यह सिद्ध करना आवश्यक होता है कि उसको प्रतिवादी के इस कर्तव्य के कारण नुकसान उठाना पड़ा है।

डोनाग्यू वी स्टाइवेंशन

इसके स्लो में लापरवाही के आकृति पर ऐतिहासिक मामला सुनाया गया था। इस मामले में वादी जिंदगी और पाने के लिए एक कैफे में गया था जिसकी बोतल को एक अपारदर्शी कोर्ट से सील कर दिया गया था बोतल खत्म होने के बाद में वादी ने पाया कि उसमें घोंघे का सड़ा हुआ शरीर निकला था ।बोतल को दूसरी सामग्री के आंशिक सेवन के कारण वादी बीमार हो गया था ।जिसके कारण अदालत द्वारा निर्माता के खिलाफ जो कि अंतिम उपभोक्ता के लिए उत्पाद का निर्माण करता है उसमें उचित देखभाल की कमी के साथ उपभोक्ता को चोट लगी ऐसे निर्माता परवादी के देखभाल का कर्तव्य का उल्लंघन करने का आरोप लगा जिसको की अदालत ने लापरवाही मानी और निर्माता को सजा दी गई।

 लापरवाही के मामले में एक बहुत बड़ा सिद्धांत जोकि अपकृत्य विधि में बहुत ही महत्वपूर्ण है बताया गया है।

Res ipsa loquitor यह सिद्धांत ऐसे मामलों के बारे में बताता है जहां पर परिस्थितियां स्वयं प्रतिवादी की ओर से लापरवाही की ओर इशारा करती हैं। यह माना कि एक डॉक्टर सर्जरी करने के बाद में रोगी के पेट के अंदर अपने घड़ी छोड़ देता है अगर ऐसा मामला अदालत में आता है तो अल्ट्रासाउंड के माध्यम से यह पता चल जाता है कि रोगी के शरीर में घड़ी अभी भी मौजूद है ऐसी स्थिति में परिस्थितियां खुद बोलती हैं और प्रतिवादी को दोषी मान लिया जाता है। इस सिद्धांत का अर्थ ही यही है कि चीजें अपने आप बोलती हैं यानी कि परिस्थितियां खुद से बोलती हैं और परिस्थितियों के अनुसार ही निर्णय दिया जा सकता है।

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