कौन होता हैं Company Secretary (कंपनी सचिव) CS की सम्पूर्ण जानकारी

कम्पनी सचिव किसी भी कंपनी का मुख्य पद होता हैं | कंपनी सचिव जाना माना नाम हैं सचिव शव्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के सेकटरीअस से हुआ हैं जिसका मतलब लिपिक का कार्य करने वाला से हैं |यह नोटरियल भी कहलाता हैं | सेक्रेटरी शब्द सीक्रेट शब्द से बना हैं जिसका मतलब होता हैं गोपनियता बनाए रखने वाला व्यक्ति |मण्डल के कार्यो को लागू करना भी इसका कार्य हैं तथा  यह सुनिश्चित करना भी उसका दायित्व है। कंपनी का केंद्र बिन्दु कंपनी सचिव होता हैं | कंपनी सचिव को कंपनी की रीड की हड्डी भी कहा जाता हैं तथा यह डाइरेक्टर के behalf पर बात करने वाला भी कंपनी सचिव होता हैं | कंपनी का advisor भी कंपनी सचिव ही होता हैं |इसको निदेशको का पथ प्रदर्शक भी कहा जा सकता हैं | यह कंपनी के परिभाषा के अनुसार कंपनी का आँख भी कंपनी सचिव होता हैं | यह कंपनी की वैधानिक अनिवार्यता को पूरा करता हैं|

भारत में कम्पनी अधिनियम के तहत न्यूनतम 5 करोड़ लागत वाली कम्पनी को cs रखना अनिवार्य है।cs को किसी कम्पनी के अफसरों में से एक माना जाता है। cs के विभिन्य कार्य हैं ।  जैसे फाइनेंस, आकउन्टस्, लीगल एडमिनिस्ट्रेषन एवं निजी डिविजन इत्यादि। अन्य कार्य क्षेत्र में सम्मिलित है- विधि सम्बन्धी जानकारी एवं कम्पनी सम्बन्धी सभी कार्य।  कम्पनी के आवश्यकतानुसार केन्द्र और  राज्य, सेल्स टेक्स, excise , लेबर एवं कार्परेट सम्बन्धी जानकारी भी  सीएस की जिम्मेदारियों में शामिल हैं|कंपनी सचिव वार्षिक रिटर्न के लिए भी जिम्मेदार हैं | कंपनी अधिनियम धारा 203 मे कंपनी सचिव के बारे मे बताया गया हैं | कंपनी की वैधानिक सभी कार्य कंपनी सचिव करती हैं | कंपनी अधिनियम 13 के धारा 4 मे कंपनी सचिव प्रैक्टिस या अंकेक्षक के रूप मे इसका चुनाव होता हैं | कंपनी सचिव प्रसाशक  और लिपिक की प्रक्रति का होता हैं और न की प्रबंध का कार्य  | यह अधिकारी के रूप मे कार्य करता हैं |

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यह लीगल डॉकयुमेंट पर signature करते हैं | कंपनी अधिनियम 2013 मे चैप्टर 29 मे इसकी परिभाषा दी गयी हैं | जिसमे कंपनी सचिव कर्मचारी के रूप मे कार्य करता हैं | जो धारा 2 (24) मे दी गयी हैं इसके अलावा प्रयासरत कंपनी सचिव धारा 2(25) मे दिया गया हैं | कर्मचारी  कंपनी के दिन प्रतिदिन के कार्य करता हैं |तथा प्रयासरत कंपनी सचिव ऑडिटर के रूप मे कार्य करता हैं |यह पूर्णटा अपने बिज़नस मे लगा रहता हैं तथा वह icsi का सदस्य हो तथा लिपि के प्रक्रति का कार्य करे वह कर्मचारी कंपनी सचिव कहलाता हैं | प्रयासरत यानि खुद के बिज़नस मे लगा हुआ होता हैं | यह एक ऐसा व्यक्ति जो कंपनी सचिव अधिनियम 1980 के धारा 2(2) के अनुसार योग्य व्यक्ति हो icsi का सदस्य हो तथा practicing होना आवश्यक होता हैं|

कंपनी सचिव की योग्यता – इसमे icsi का सदस्य होना जरूरी होता हैं |

Icsi का full form –दी  इंस्टीटय़ूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया

इसका मुख्यालय न्यू दिल्ली हैं |

इसकी स्थापना 4 अक्टूबर 1968 मे हुआ था |

 दि इंस्टीटय़ूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया ही इस कोर्स को इंडिया मे ही नही बल्कि बाहर भी कराती हैं |

CS कोर्स के चरण-

फ़ाउंडेशन (Foundation Programme)

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम (Executive Programme)

प्रोफ़ेसनल प्रोग्राम (Professional Programme)

 स्नातक के बाद बच्चो को 2 चरण पूरा करना होता हैं |

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम (Executive Programme)

प्रोफ़ेसनल प्रोग्राम (Professional Programme)

Foundation programme-

इसको विद्यार्थी 12 के बाद कर सकते हैं |इसमे कोई भी स्ट्रीम का व्यक्ति कर सकता हैंइसमे arts, science ,commerce के कोई भी छात्र एड्मिशन ले सकते हैं |इसमे कोई परसेंट लाने की आवश्यकता नही हैं | फ़ाउंडेशन के 4 पेपर होते हैं जो subjective पेपर होता हैं |

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Executive programme-

यह सीएस का दूसरा चरण होता हैं इसमे कोई भी व्यक्ति graduation के बाद कर सकता हैं | इसमे arts, science ,commerce कोई भी छात्र कर सकता हैं केवल fine arts  के छात्र को छोडक कोई भी दे सकता हैं | इसमे 7 पेपर होते हैं |

Professional programme-

यह सीएस का तीसरा पायदान होता हैं | यह केवल वही  छात्र कर सकते हैं जो Executive programme पास कर चुके हैं इसको पास करने के बाद आप को ट्रेनिंग करना होता हैं और वह  पास करके आप कंपनी सेक्रेटरी बन सकते हैं। इसमे 9 पेपर होते हैं इसमे एक औब्जैकटिव पेपर भी होता हैं |

सीएस कोर्स मे एड्मिशन आप साल भर ले सकते हैं । इसका एग्जाम दिसम्बर और जून मे होता हैं इसके लिए आपको कटऑफ डेट्स से पहले एड्मिशन लेना होता हैं। इसका examination ऑफलाइन होता हैं | इसमे सबसे जायदा फोकस लॉं पर होता हैं |

फ़ाउंडेशन प्रोग्राम

दिसम्बर के लिए 31 मार्च का दिन हैं |

30 सितम्बर की डेट जून के एक्जाम के लिए

एग्जीकुटिव प्रोग्राम

28 फरवरी जो की दिसम्बर के दोनों ग्रुप देना चाहते हैं।

एक ग्रुप के लिए 31 मार्च

31 अगस्त की डेट जो जून मे दोनों ग्रुप देना चाहते हैं।

30 नवम्बर की डेट  उनके लिए जो एक ग्रुप देना चाहते हैं।

फीस

फाउंडेशन कोर्स की फीस 4500 रुपये

 एग्जिक्यूटिव प्रोग्राम में कॉमर्स छात्रों के लिए 9000 तथा गैर कॉमर्स छात्रों के लिए 10000

 प्रोफेशनल कोर्स के लिए  फीस 12500 रुपए है।

 प्रमुख संस्थान-

द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया

वेबसाइट- www.icsi.edu

एक्जाम फीस-

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सीएस का एक्जाम साल मे 2 बार कराया जाता  हैं जून और दिसम्बर

फ़ाउंडेशन की फीस  1200 रुपये हैं |

एग्जीकुटिव प्रोग्राम की फीस 1200 रुपये प्रति module हैं |

प्रोफ़ेसनल प्रोग्राम की फीस 1200 रुपये प्रति module हैं |

ट्रेनिंग-

ट्रेनिंग के लिए professional के बाद किया जा सकता हैं तथा ट्रेनिंग के  बाद ही उसे कंपनी सेक्रेटरी की योग्यता प्रदान की जाती है।  छात्र को 15 माह किसी कंपनी के तहत ट्रेनिंग प्रोग्राम करना होता है उसके लिए वो executive या professional पास करके कर सकते हैं |

  वेतनमान-

कोर्स पूरा करने वाले छात्रों के लिए सीएस संस्थान हर साल प्लेसमेंट का कार्यक्रम आयोजित करता है। इसमें जरूरत के हिसाब से छात्रों के चयन के लिए बैंक, सरकारी और निजी सेक्टर की कंपनियां आमतौर पर साक्षात्कार लेने आती है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों का पैकेज बहुत अधिक होता है सीएस प्रैक्टिस करके भी अच्छा पैसा कमाया जा सकता हैं। इसके अलावा खुद का कोचिंग खोल के छात्रों को पढ़ा के अच्छा पैसा कमाया जा सकता हैं। एक कंपनी सचिव कॉरपोरेट गवर्नेस और सेक्रेटेरियल सर्विसेज को देखने से लेकर कॉरपोरेट कानून, फाइनेंशियल मार्केट सर्विस और मैनेजमेंट सर्विस जैसे कई तरह के संस्थान मे अच्छा वेतन प्राप्त कर सकते हैं। इसमे आप खुद का बिज़नस ने भी कर सकते हैं ये एक अच्छा प्रॉफ़ेशन हैं जिससे आप अच्छा पैसा कमा सकते हैं |

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