Contract (संविदाये) जिनका पालन करना आवश्यक होता है? तथा contract (संविदा) का पालन किसको करना होगा?

promisor-and-promisee- Hindi Law Notes


जैसा की आप सभी जानते है contract यानि कि संविदा दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच होने वाला अनुबंध है जिसके द्वारा किसी कार्य को करने या नही करने का अनुबंध होता है।

ऐसे कुछ संविदा है जिनका पालन करना आवश्यक है।

संविदा के पक्षकारों कि बाध्यता –

संविदा के पक्षकारो कि बाध्यता एक ऐसी संविदा है जिनका पालन करना आवश्यक होता है। इसमे संविदा के दोनों पक्षकरो को वचन पूरा करने का दायित्व होता है जिसमे दोनों पक्षकार अपने अपने वचन को पूरा करते है। यदि वह नही होते है तो उनका दायित्व उनका उत्तराधिकारी को निभाना होता है जब तक कि किसी अधिनियम के तहत उनको इससे छूट न दे दी गयी हो।

उदाहरण –

र ने एक महीने बाद 22 तारीख को त को माल देने का वचन दिया और त ने र को 1000 रुपये देने का वचन दिया था । उससे पहले ही र की मृतु हो गयी अब र के प्रतिनिधि की यह ज़िम्मेदारी होती है की वह त को समय से माल पाहुचा दे और त उसको 1000 रुपये दे दे।

वचन के पालन करने से इंकार –

जब दोनों पक्षो मे से कोई एक वचन के पालन से इंकार कर दे तो दूसरा संविदा को अपने आप ही ख़तम कर सकता है। या जब वह अपने आप को वचन के पालन करने से निरयोग्य बना लिया हो तो दूसरा पक्ष संविदा का अन्त कर सकेगा।

उदाहरण –

त ने एक जादूगर से सप्ताह मे 2 दिन 1 महीने के लिए जादू का कार्यक्रम रखने की संविदा की जिसमे 200 रुपये दिये जाएंगे।  जादूगर ने 3 सप्ताह जादू दिखाया परंतु 4 सप्ताह वह जानबूझ कर अनुपस्थित रहा त संविदा को ख़तम कर सकता है।

See Also  दंड प्रक्रिया संहिता धारा 23 से 28 तक का अध्ययन

इसी को आगे ले जकर यदि जादूगर ने 4थ सप्ताह जादू नही दिखने पर अगले सप्ताह जादू दिखने के लिए त को तैयार कर लेता है और त हाँ बोल देता है तो त संविदा को खत्म नही कर सकता है।

कुछ संविदा ऐसी भी होती है जो प्रवर्तित नही कराई जा सकती है। 

उदाहरण- 

म मे क को उसकी फोटो 10 दिन बाद अपने हाथो से बना कर देने का वचन दिया था। परन्तु उससे पहले ही वह मर गया। अब यह संविदा प्रवृतनीय नही हो सकती है। 

एक और उदाहरण हम देखते है। 

ज और म मे एक संविदा हुआ की ज म को जहाज से लंदन ले जायेगा परंतु मौशम खराब होने की वजह से यह संभव नही था और ज रास्ते मे मर गया अब यह संविदा होना आ

असम्भव है। 

हर प्रतिस्थापना की शर्ते पूरी करनी होती है।

क ने खा को 4 जनवरी को माल देने का वादा किया जो की उच्चतम क्वालिटी का है 4 जनवरी को खा को माल प्राप्त हुआ अब खा उस माल को चेक करके प्रतिफल देने का हकदार है यदि माल उत्तम क्वालिटी का नही हुआ तो खा संविदा खत्म कर सकता है या उसका रेट मे परिवर्तन कर सकता है।

संविदा का पालन किसको करना होगा-

वचन का पालन करने वाले को-

यदि किसी संविदा के लिए यह जरूरी है की संविदा का पालन वचन के अनुसार वचन दाता को ही करना होगा तो उसके लिए प्रतिनिधि की आवश्यकता नही है फिर वह कार्य वचन दाता को ही करना पड़ेगा। यदि ऐसा नही होता तो प्रतिनिधि और वचन दाता किसी ऐसे सक्षम व्यक्ति को नियोजित करेंगे जो वह कार्य कर सकेगा।

See Also  भारतीय दंड संहिता धारा 206 से 210  तक का विस्तृत अध्ययन

उदाहरण-

य ने क से उसकी फोटो को हाथ से एक निश्चित समय मे बना कर देने की वचन देता है अब यह कार्य कोई और नही कर सकता इसलिए यह कार्य य को ही करना पड़ेगा।

ई ने ज को 100 रुपये 5 जनवरी को देने का वचन दिया था 5 जनवरी को ई बाहर गया था तो ई को अपने किसी प्रतिनिधि को ज को पैसे देने के लिए रखना पड़ेगा।

अन्य व्यक्ति से पालन परिग्रहित करने का प्रभाव-

जब वचन ग्रहीता किसी और के वचन का पालन करने के लिए परिग्रहित कर लेता है तो वह उसका पालन वचन दाता के विरुद्ध प्रवर्तनीय नही करा सकता है।

सयुक्त दायित्व –

 जब कोई वचन कई व्यक्ति मिल कर लेते है और संविदा करते है तो उसका पालन भी सबको मिलकर करना होगा और यदि कोई मर जाता है तो उसका प्रतिनिधि या उत्तरदायी इसका पालन करेगा तथा यह संविदा तब तक जारी रहेगी जब तक ही अंतिम उत्तरदायी जीवित रहता है।

संयुक्त वचन दाता मे कोई भी पालन कर सकता है-

जब कोई संविदा 2 या 2 से अधिक व्यक्ति मिल कर लेते है और बाद मे उनमे से कोई एक या सभी कार्य करने से मुकर जाते है तो वचन ग्रहीता उनमे से किसी एक या सभी को कार्य करने के लिए विवश कर सकता है।

हर एक वचन दाता अभिदाय करने के लिए विवश कर सकता है-

जब 2 या 2 से अधिक व्यक्ति मिलकर कोई वचन लेते है तो संयुक्त वचन होता है उसमे हर एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को कार्य करने के लिए विवश कर सकता है।

See Also  (सीआरपीसी) दंड प्रक्रिया संहिता धारा 239 से धारा 243 का विस्तृत अध्ययन

यदि संयुक्त वचनदाता मे से कोई भी वचन दाता ऐसा कार्य करे जिससे किसी को हानी हो तो वह सभी को समान अंशो मे बाटा जाएगा तथा सभी को वहन  करना पड़ेगा।

उदाहरण-

यदि क़ ,व,ए ने मिलकर राधा को 1000 रुपये देने का वचन करते है तो राधा क़,व,ए मे से किसी को भी रुपये देने के लिए विवश कर सकती है।

राधा,शिव,रोज ने मिलकर हरी को 6000 रुपये देने का वचन दिया था परंतु राधा दिवालिया हो गयी हरी ने रोज को पैसे देने के लिए विवश किया और रोज से पूरे पैसे ले लिए।  राधा से कोर्ट ने 500 रुपये वसूला ऋण के लिए तो अब रोज राधा से 500 रुपये तथा शिव से 2750 रुपये लेने के लिए विवश कर सकता है।

यदि राधा ,शिव और रोज मिलकर हरी को 1000 रुपये देने का वचन लेते है राधा कुछ भी देने मे अशमर्थ है शिव को विवश किया जाता है की पूरा पैसा दो और शिव पूरा पैसा देता है तो शिव रोज से 500 रुपये लेने का हकदार है।

इस प्रकार हमने आपको इस पोस्ट के माध्यम से Contract (संविदाये) जिनका पालन करना आवश्यक होता है? तथा contract (संविदा) का पालन किसको करना होगा। यह बताने का प्रयास किया है यदि कोई गलती हुई हो या आप इसमे और कुछ जोड़ना चाहते है या इससे संबंधित आपका कोई सुझाव हो तो आप हमे अवश्य सूचित करे।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published.