E-GOVERNANCE MCA 21 Intro (Company Law)


MCA 21 गोवर्नमेंट के द्वारा स्थापित इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी का एक एप्लिकेशन है जिसे द्वारा गोवर्नमेंट स्केहोल्डर की जरूरते पुरी कर सकती है। यह 21वी सेंचुरी की एक प्रोजेक्ट है। MCA 21 एक सरकारी संस्था की तरह कंपनियों पर नजर रखता है जिसे वह शेयर होल्डर और स्टेकहोडर्ड के हित मे कार्य कर सके। इसमे कंपनियों को अपनी पूरी डिटेल देनी होती है। MCA 21 पर सभी कंपनियों की पूरी डिटेल होती है। 

कंपनी एक्ट 2013 के अनुसार डॉक्यूमेंट की फाइलइंग और और उसका रजिस्ट्रेशन करना प्रमुख हिस्सा है। MCA 21 के आने से पहले यह काम ROC द्वारा किया जाता था। ROC को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी भी कहा जाता है। पहले कंपनी की फाइलइंग और रजिस्ट्रेशन का कार्य हाथ द्वारा होता था। कंपनी अपने डॉक्यूमेंट ROC को देती थी। और ROC उसका रिकॉर्ड रखती थी। Roc कंपनियों पर नजर रखती थी जो अब आसान हो गया है। अब बस एक क्लिक पर आप किसी भी कंपनी का पूरा डिटेल निकाल सकते हैं। 

सेंट्रल गोवर्नमेंट ने सेंट्रल गोवर्नमेंट जनरल रूल और फॉर्म 1956 को संशोधित किया। और 2006 मे इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म और डॉक्यूमेंट को फाइल करने का प्रावधान लाया। अब सभी फॉर्म आनलाइन फाइल किये जायेंगे। 

अब हम आपको बतायेंगे की MCA 21 का क्या महत्व है

MCA 21 का महत्व-

1 एमसीए,आरडी और आरओसी बीच संबंध स्थापित करना

पहले एमसीए आरडी और आरओसी अलग अलग जगह होते थे। अतः तीनों मे संबंध      स्थापित होना कठिन होता था अब एमसीए 21 के द्वारा यह ऑनलाइन हो गया है तो    तीनों मे संबंध स्थापित करना आसान हो गया है।

2 कम्प्लायंस का अब अच्छे से देख रेख हो सकती है क्योकि अब सब ऑनलाइन है तो कोई भी इसको 2 सेकंड मे चेक कर सकता है। और गलती होने पर कंपनियो को तुरंत नोटिस भेज कर इसको सुधारा जा सकता है।

3 यह सिस्टम सभी के लिए लाभ दायक है जहा कंपनियो को कम्प्लायंस के लिए यहा वहा भटकना नही पड़ेगा सभी डॉकयुमेंट एक साथ अपलोड कर सकते है। वही अब आरओसी को भी चेक करने मे आसानी होगी। कंपनियो पर इससे लगाम लगाया जा सकेगा।

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4 एमसीए 21 के आ जाने से स्पीड ,ट्रांसपरेंसी और इफिसियनसी तीनों मे बढ़ोत्तरी होगी अब कार्य करना बेहतर हो जाएगा और इसको जाँचना और भी आसान होगा।

5 यह बहुत ही प्रभावशाली होगा। क्योकि इसमे हर कार्य को करने का नियम पहले से बतया गया है और यह नियम के अनुसार ही कार्य करेगा।

6 यह प्रॉफेश्नल को कार्य करने मे सुविधा प्रदान करेगा । ऑनलाइन कार्य होने से अब प्रॉफेश्नल कम समय मे जादा कार्य कर सकेंगे। और उसमे गलतिया होने की संभावना कम होगी और अगर गलती होती भी है तो उसको आसानी से सुधारा जा सकेगा।

7 यह पर्यावरण के लिए भी लाभदायक होगा क्योकि इसमे पेपर का प्रयोग नही होगा जिससे पर्यावरण को भी लाभ होगा।

एमसीए 21 का लक्ष्य एमसीए ,आरओसी और आरडी के ऑफिस को कवर करना है।  सबको एक साथ लाना है।  जिससे कंपनियो पर ध्यान दिया जा सके और उनपर लगाम लगाया जा सके।

एमसीए 21 के लक्षण क्या है-

डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट –

इन्फॉर्मेशन टेक्नालजी 2000 के अनुसार डिजिटल सिग्नेचर एक एलेक्ट्रोनिक सिग्नेचर है। जो कि सर्टिफिकेट ऑफ अथॉरिटी द्वारा इशू किया जाता है। जिस भी व्यक्ति को एमसीए21 मे साइन करना होगा उसके लिए डिजिटल सर्टिफिकेट लेना आवश्यक है।

एमसीए 21 ने 4 प्रकार के डिजिटल सर्टिफिकेट के बारे मे बताया है।

1 एमसीए गवर्नमेंट इम्प्लोयी

2 प्रॉफेश्नल

3 कंपनी के सीएस,डाइरेक्टर ,मैनेजर

4 बैंक और फ़ाइनेंष्यल इंस्टिट्यूसन के रिप्रेजेंटेटिव

DIRECTOR IDENTIFICATION NUMBER

कोई भी व्यक्ति किसी भी कंपनी का डाइरेक्टर तब तक नही बन सकता है जब तक की उसके पास DIN नंबर न हो। किसी भी कंपनी का 1 से अधिक DIN नही होना चाहिए। सेंट्रल गवर्नमेंट सेक्शन 152(3) के तहत कंपनी को एक एप्लिकेशन देना होता है।DIN  के अलॉट्मेंटके लिए फॉर्म DIR 3 फ़ाइल करना होता है।

E – FILING

1 PRE-FILL

डॉक्युमेंट्स को फ़ाइल करने के लिए PRE FILL बटन का प्रयोग किया जाता है इसमे कंपनी का नाम लिखते ही उसकी सभी डीटेल अपने आप भर जाती है। इसमे CIN नंबर का प्रयोग होता है । एक बार CIN जिसको कॉर्पोरेट identification नंबर कहते है, डालने पर सभी डाटा आ जाता है।

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2 चेक फॉर्म –

इसका प्रयोग फॉर्म को चेक करने के लिए तथा उसकी वैलिडिटी चेक करने के लिए की जाती है।

3 modify –

इस बटन से फॉर्म को यदि कोई गलती हो गयी हो तो modify कर सकते है।

4 ADDENDUM TO AN E FORM-

व्यक्ति को फॉर्म के साथ कुछ अलग से डॉकयुमेंट लगाना होता है जो की फॉर्म मे नही फ़िल होता परंतु यह एटेचमेंट मे आवश्यक होता है। addendum एक सपोर्टिव डॉकयुमेंट होता है जो की फॉर्म के साथ लगना होता है । इसकी कोई फीस नही होती।

5 TEXT BOX-

टेक्स्ट बॉक्स मे ई फॉर्म की सभी डिटेल को लिखा जाता है जो कि फाइलइंग के लिए आवश्यक होता है। 

Attachment-

Attachment वह डॉक्यूमेंट होता है जो कि फॉर्म के साथ मे भेजा जाता है जिसमे कि फॉर्म से संबंधित सभी डिटेल लिखी हुई होती है। 

Pre scrutiny

चेक फॉर्म के बाद डिजिटल सिगनैचर का आपशन आता है फॉर्म को अप लोड होने से पहले यह आपसन आता है जिससे आप फॉर्म को देख ले कि आपका फॉर्म ऐसे ही अप्लोड होगा। 

ड्रॉप डाउन बॉक्स- इसके अंत मे ड्रॉप डाउन एरो बना होता है। इस एरो पर क्लिक करने से कई प्रकार के आपशन दिखते है। इसमे से एक को क्लिक कर फॉर्म को भरना होता है। 

कंट्री कोड-

कभी कभी एप्लिकेशन को भरते समय कंट्री कोड का आपशन आता है और इसको भरना होता है। 

स्टॉक एक्सचेंज कोड –

इसमे 2 प्रकार के कोड होते हैं। A और B लिस्टेड कंपनी इस कोड के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज के शेयर को भरती है। 

कॉर्पोरेट इडेंटिटी नंबर –

हर कंपनी को CIN नंबर प्रदान किया जाता है। इसी से लोग कंपनी को जानते हैं। यह 21 डिजिट का होता है। 

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जिसमे पहला लिस्टिंग स्टेट्स को बताता है। 

अगला 5 डिजिट इकोनॉमिक एक्विटी को बताता है। 

अगला 2 डिजिट स्टेट को बताता है। 

अगला 4 डिजिट किस साल कंपनी इंकॉर्पोरेट हुई उसको बताता है। 

अगला 3 डिजिट ownership को बताता है। 

अगला 6 डिजिट ROC के द्वारा दिये नंबर को बताता है। 

E form size – 

E form size 6 mb से जयदा नही होना चाहिए। 

रिफंड-

कई बार वयक्ति को फॉर्म भरते समय या तो कई बार पैमेंट हो जाता है। या गलत पैमेंट हो जाता है। या जयदा पैमेंट हो जाता है ऐसे दशा मे व्यक्ति रिफंड ले सकता है। उसके लिए उसको रिफंड फीस नही भरना होता है। केवल इसमे फॉर्म भरा जाता है। 

यह निम्न दशा मे प्राप्त होता है। 

बहुत सारे पैमेंट एक साथ हो जाने पर 

यदि कोई पैमेंट गलत हो जाए तो

जयदा पैमेंट हो जाने पर

Re- submission of an e form-

Mca कभी कभी फॉर्म को खुद से submit करता है mca कंपनी को अपनी requirement ईमेल के द्वारा भेज देता है। कंपनी यदि चेंज मेंट् करती है तो फिर उसको दोबारा से सब मिट कर देती है। यदि वह एक निश्चित समय पर पूरा हो जाता है तो वह re submission द्वारा फिर से upload हो सकता है। 

Service request number-

सभी transacction जो होते हैं उसमे सबका unique identification number होता है। User अपना dicument SRN नंबर डाल कर दे सकता है। 

Role check-

रोल चेक फंक्शन का कार्य यह चेक करना होता है कि डिजिटल signature जो हुआ है वह उसी व्यक्ति का है या नही CA. CS. CMA आदि को अपना signature MCA पोर्टल पर dsc को रजिस्टर कराना पड़ता है। MCA सभी के signature को varify कराता है। वह DIN के द्वारा उसको चेक करती है। 

Defective forms / Documents-

कोई भी फॉर्म और डॉक्यूमेंट निम्न वजह से डेफेक्टिव हो सकता है। 

जब जरूरी डॉक्यूमेंट फॉर्म मे सम्मलित न हो 

जब डॉक्यूमेंट को पूरा भरा न हो

डॉक्यूमेंट मे जो भरा गया हो वह गलत हो

जब डॉक्यूमेंट को समय रहते भरा न गया हो। 

जब डॉक्यूमेंट सही से भरा न हो या signature न हुआ हो।  

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